Kya Tum Laut Aaoge ? | Kavita Patil | The Social House Poetry | Whatashort

29 thoughts on “Kya Tum Laut Aaoge ? | Kavita Patil | The Social House Poetry | Whatashort

  1. सबूत तो गुनाहों के होते हैं,
    बेगुनाह मोहब्बत का क्या सबूत दु तुझे.

  2. कोई शायर नही हूँ
    बस सच बोलता हूँ…
    तो लोग वाह वाह करने लगते हें

  3. बहुत कविता सुनी लेकिन आपकी कविता सबसे दर्दनाक लगई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *